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Tuesday, 09 February 2010 11:44 |
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मावठ से खिल उठे किसान, महानगर संवाददाता... जयपुर, 9 फरवरी। प्रदेश के अधिकांश जिलों में कल हुई मावठ की रबी की फसल के लिए रामबाण साबित होगी। बरसात के बाद फसलों के
उत्पादन में पांच से दस फीसदी तक बढ़ोतरी होने की बात कृषि पर्यवेक्षक स्वीकार कर रहे हैं। उधर काश्तकारों को भी इस मावठ के बाद अच्छी फसल मिलने की उम्मीद है। उनके चेहरे पर भी बरसात को देखकर निखार आ गया है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में आए परिवर्तन के बाद हुई इस बरसात से रबी की फसल गेहूं, जौ, चना, मटर, सरसों समेत अन्य सभी फसलों में उत्पादन बढऩे की बात कृषि पर्यवेक्षक कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सबसे ज्यादा फायदा गेहूं और सरसों की फसल को हुआ है। गेहूं की फसल में पकाव के लिए एक बार की सिंचाई के पानी की बचत हो जाएगी। इसमें पकाव भी अच्छा आएगा। उधर मौसम विभाग भी एक-दो दिन तक बादल रहने के संकेत दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आज सुबह आठ बजे तक गुलाबी नगर (जयपुर में) 4.7 एम. एम. बरसात रिकार्ड की गई। भरतपुर, सवाई माधोपुर में 4.6, गंगा नगर में 2.0, चुुरू में 1.6, अजमेर में 0.8, चित्तौडग़ढ़ में 0.5 एम. बरसात रिकॉर्ड की गई। जोधपुर और बीकानेर में बूंदाबांदी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकतर जिलों में पिछले दो दिन में बरसात हुई है। आगे भी दो-तीन दिन तक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बंूदाबांदी रहने के संकेत मिल रहे हैं। कृषि अनुसंधान केन्द्र दुर्गापुरा के कृषि पर्यवेक्षक के.पी. सिंह ने बताया कि रबी की फसल के लिए मावठ फायदेमंद रहेगी। सरसों और गेहूं में इसमें ज्यादा लाभ मिलेगा।
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