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Thursday, 11 March 2010 12:03 |
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महानगर संवाददाता, जयपुर, 11 मार्च। नए शिक्षा सत्र में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढऩे वाले छात्रों की खैर नहीं। बस्ते में किताबों का बोझ कम करने की राज्य सरकार की मंशा के विपरीत शिक्षा विभाग उन पर तीन पुस्तकों का और भार डालने जा रहा है। अब उन्हें 12 पुस्तकों का अध्ययन कर कक्षा उत्तीर्ण करनी पड़ेगी। पुस्तकों की बढ़ोत्तरी पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के उन छात्रों पर की गई है, जिन पर मानसिक दबाव कम करने के लिए राज्य सरकार ने पाठ्यक्रम को सीमित करने की घोषणा की है। इन पुस्तकों को जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम (डीपीईपी) ने राजस्थान पाठ्य पुस्तक मंडल के जरिए तैयार करवाया है। सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण में इसे शामिल किया गया है। मंडल ने इनके वितरण की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें करीब 30 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
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